इंतजार की अमावस्या ....
बोलते पन्ने पर आप सुनेंगे विशेष कविता श्रृंखला। जिसमें पहली कविता शिवांगी की कलम से आप तक पहुंच रही है। पति के जाने के बाद के करवाचौथ को एक औरत किस तरह याद करती होगी, सुनिए ...। आप भी हमें अपनी कविताएं भेज सकते हैं, जिसे आप खुद पढ़ें या हमारे साथी आपको क्रेडिट करते हुए उसका वीडियो रूपांतरण प्रस्तुत करेंगे। शुक्रिया।
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