गुरुवार, 11 मार्च 2021

रिपोर्ट: भारत अब लोकतंत्र नहीं, चुनावी एक-तंत्र




दुनिया की एक और प्रतिष्ठित संस्था ने अपनी रिपोर्ट में भारत के लोकतंत्र के स्टेटस को घटा दिया है। स्वीडन का एक स्वतंत्र रिसर्च संगठन वी-डैम (वैरायटी इन डेमोक्रेसी) ने बुधवार को जारी अपनी रिपोर्ट में कहा कि दुनिया का सबसे बड़ा लोकतांत्रिक देश भारत अब एक इलेक्टोरल ऑटोक्रेसी है। हिन्दी में इसे आप ‘चुनावी एकतंत्र’ या ‘चुनावी तानाशाही’ शब्द से परिभाषित कर सकते हैं।
हम पाकिस्तान को जिस गिरी हुई नजर से देखते हैं, इस प्रतिष्ठित अंतरराष्ट्रीय संस्था का कहना है कि सेंसरशिप के मामले में भारत स्थिति भी पाकिस्तान जैसी ही है। इतना ही नहीं, भारत की यह स्थिति उसके पड़ोसी देश नेपाल और बांग्लादेश के मुकाबले भी बदतर है। इस रिपोर्ट में बताया गया कि बीते साल लगभग हर लोकतांत्रिक देश में लोकतंत्र की स्थिति कमजोर हुई है, जिसमें सर्वाधिक निराशाजनक हालात भारत के हैं।
हिन्दी के अधिकांश प्रमुख अखबारो ने पिछले सप्ताह आयी ‘फ्रीडम वॉचडॉग’ की रिपोर्ट को नहीं छापा, जिसमें बताया गया कि भारत अब एक ‘आंशिक रूप से स्वतंत्र’ देश है। अमेरिकी सरकार की वित्तीय मदद पर चलने वाले इस संगठन को दुनिया का फ्रीडम वॉचडॉग कहा जाता है। इस संगठन ने भारत के स्वतंत्र देश के दर्जे को घटाकर उसे ‘पाटर्ली फ्री’ देश की श्रेणी में रख दिया।
ऑटोक्रेसी को जानिए : एकतंत्र या निरंकुशता का मतलब एक व्यक्ति के पास उस क्षेत्र या देश की असीमित विधायी और कार्यकारी शक्तियां होने से है।
आप अब भी भारत में लोकतंत्र के खात्मे पर रोने वालों को कोसते हैं तो अपने ऊपर जरूर विचार करें। प्रधानमंत्री के दिए परजीवी या आंदोलनजीवी शब्दों का खुद इस्तेमाल करने से पहले सोचें। यह देखे कि क्या आपको वो सहूलियतें मिल रही हैं जिसकी अपेक्षा आप एक लोकतांत्रिक, समाजवादी और धर्मनिरपेक्ष देश से करते हैं।
- शिवांगी Shivangi Friedi, बोलते पन्ने के लिए

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