- शासक सरकार सबसे पहले मीडिया को निशाना बनाती है फिर सिविल सोसायटी को।
- उसके बाद विपक्ष का सम्मान न करने की रणनीति अपनाकर समाज में ध्रुवीकरण पैदा करती है।
अगर आप इन तीनों बिंदुओं को पढ़ते हुए भारत की स्थिति के बारे में सोच रहे हैं तो आप सही हैं। दरअसल, दुनिया में लोकतंत्रों पर नजर रखने वाली एक वैश्विक संस्था ‘वी-डैम’ (वैरायटी इन डेमोक्रेसी ) ने 144 देशों की रिपोर्ट में बताया है कि भारत अब अपना चुनावी लोकतंत्र का दर्जा खो चुका है, वह अब एक चुनावी एकतंत्र या इलेक्टोरल ऑटोक्रेसी है। इसी संदर्भ में वी-डैम ने एक पैटर्न के बारे में बताया है जो उन्होंने दुनिया के सभी 87 ऑटोक्रेसी देशों में पाया। पैटर्न बताता है कि एक लोकतंत्र में जनता द्वारा चुना गया नेता किस तरह सर्वशक्तिमान बन जाता है। इसी पैटर्न से जुड़े तीन प्वाइंट आपने पोस्ट की शुरूआत में पढ़े। इस संस्था ने यह भी पाया कि पिछले दस साल में पूरी दुनिया में उदारवादी लोकतंत्र कमजोर हुए हैं।
- शिवांगी
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