सोमवार, 17 जनवरी 2022

डूबती नज़्म .. | 'मुक्तक' (Poem series 17) | Amitkmr Gwal (Bolte Panne)


नए साल में हमारे साथी अमित कुमार ग्वाल अपनी नई कविता लेकर हाजिर हैं, जिसका शीर्षक है - डूबती नज्म। बोलते पन्ने के स्पेशल सेग्मेंट ‘मुक्तक’ में इसे सुनिए और हमें फीडबैक भेजिए, पसंद आए तो अपने दोस्तों से साझा भी कीजिएगा। वीडियो क्रेडिट कैमरा वर्क : योगेश निर्देशन, सिनेमेटोग्राफी, संपादन एवं प्रस्तुति : अमित कुमार ग्वाल

 

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