शनिवार, 16 अक्टूबर 2021

एक शायर की रसोई | Bolte Panne Poem - 16



हमारे साथी अमित कुमार ग्वाल लौटे हैं अपनी डायरी के महकते नए पन्ने के साथ। इस बार बतौर शायर वे अपनी खास रसोई के बारे में बता रहे हैं। बोलते पन्ने की कविता श्रृंखला में इस नई कविता को सुनिए और अपनी पसंद-नपसंद हमें बताइए। 

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